कटनी जिले में आपातकाल के 50 वर्ष पूर्ण होने पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा लोकतंत्र रक्षा संकल्प मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शंभू टॉकीज रोड से प्रारंभ होकर गर्ग चौराहे तक पहुंचा। बड़ी संख्या में शामिल कार्यकर्ताओं ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
मशाल जुलूस के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की रक्षा का संदेश दिया। जुलूस ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए लोगों का ध्यान आकर्षित किया। इस अवसर पर एबीवीपी के नगर मंत्री अवध पांडे ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया।आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था, जब नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगाया गया।उन्होंने कहा कि उस दौर में मीडिया, विपक्षी नेताओं और आम नागरिकों को दमन का सामना करना पड़ा था। एबीवीपी ने आपातकाल की त्रासदी को याद करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव संघर्षरत रहने का संकल्प लिया। अवध पांडे ने कहा कि यह मशाल जुलूस केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के प्रति युवा शक्ति की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

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