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जिले में फायलेरिया के उन्मूलन हेतु 10 से 22 फरवरी के मध्य चलाया जाएगा एमडीए अभियान

 अभियान के संचालन हेतु माइक्रोलेबिल प्लानिंग करने तथा दलों को प्रशिक्षित करने के कलेक्टर ने दिए निर्देश 

उमरिया - फायलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम शासन के प्राथमिकता का स्वास्थ्य कार्यक्रम है। कार्यक्रम का संचालन 10 फरवरी से 22 फरवरी के मध्य किया जाएगा। इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर है कि हमारी माइक्रो प्लानिंग व्यवस्थित हो , जिन्हें जो दायित्व साैंपा जाए उन दायित्वों को पूरी सजगता के साथ पूरा करे। माइक्रो प्लानिंग में जिन्हें दवा खिलाई जानी है उनके कव्हरेज के लिए जो दल या बूथ बनाए जायेंगे उनकी मैपिंग होनी चाहिए। जिन लोगों को दलों मे शामिल किया जाना है उनका व्यवस्थित प्रशिक्षण तथा अभियान के दौरान उठने वाले प्रश्नो का समाधान होना चाहिए। अभियान की सफलता हमारी मॉनीटरिंग पर निर्भर है। इसके लिए मॉनीटरिंग की प्रापर व्यवस्था तथा दैनिक रिपोटिंग की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। जिन विभागों के कार्य क्षेत्र में जो जन समूह आता है उनको दवा खिलाने की जवाबदारी संबंधित विभाग के मैदानी अमले की होगी। यह निर्देश कलेक्टर डा. कृष्ण देव त्रिपाठी ने मलेरिया उन्मूलन हेतु चलाए जाने वाले एमडीए अभियान की जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए संबंधित अधिकारियों को दिए। बैठक में अपर कलेक्टर मिशा सिंह, सीईओ जिला पंचायत इला तिवारी, सिविल सर्जन डा. के सी सोनी, भोपाल से आए मास्टर ट्रेनर डा सत्येंद्र पांडेय, रोहित सिंह, सलाहकार रवि साहू सहित विभिन्न विभागों के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।  

 राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर डा सत्येंद्र पाण्डेय ने बताया कि फायलेरिया उन्मूलन हेतु सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम का संचालन 10 फरवरी से 22 फरवरी तक तीन चरणों में किया जाएगा। प्रथम चरण में 10 एवं 11 फरवरी को बूथ स्तरीय कार्यक्रम संचालित होगा, जिसके लिए विद्यालयों , आंगनबाड़ी केंद्रों , छात्रावासों , बस स्टेण्ड , रेल्वे स्टेशन सहित अन्य चिन्हित जगहों में बूथ बनाएं जाऐंगें। दूसरे चरण में 12 फरवरी से 13 फरवरी से 17 फरवरी तक घर घर पहुंचकर एमडीए दल दवा खिलायेंगे, इसके बाद भी यदि लोग छूटे हुए है तो 20 से 22 फरवरी तक मॉकअप राउण्ड आयोजित किया जाएगा। दवाईयां तीन स्तर पर खिलाई जाएगी दो से पांच वर्ष आयु के लोगों को डीईसी की एक गोली 100 एम जी की तथा एक एलवेण्डाजोल टेबलेट , 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग को 2 डीईसी गोली तथा एक एलवेण्डा जोल तथा 15 वर्ष से ऊपर के लोगांे को 3 डीईसी की गोली तथा एक एलवेण्डाजोल टेबलेट खिलाई जाएगी। दवाई खिलाने के बाद कई बार बुखार, उल्टी, या जी मचलने की शिकायत सामने आ सकती है। इसके लिए उन्हें यह बताना होगा कि इससे घबराने की जरूरत नही है बल्कि पेट में कीडे होने या अन्य कारणों से ऐसी परिस्थितियां आई है। इस बार के अभियान की विषेषता यह है कि सभी दवाईयां दल द्वारा अपनी उपस्थिति में खिलाई जाएगी। इसके लिए यह भी निर्देष है कि ये दवाईयां किसी को बाद मे खाने के लिए नही सौंपी जाए। इस अवसर पर उन्होंने फाईलेरिया बीमारी के कारण, लक्षण एवं बचाव की भी जानकारी दी। 

(अंजनी राय की रिपोर्ट)

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