इनक्लोजर में कैद बाघ को जंगल में किया गया रिहा,शहडोल से किया गया था रेस्क्यू।
The tiger imprisoned in the enclosure was released into the forest, it was rescued from Shahdol.
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने 29 जनवरी को उत्तर वन मंडल शहडोल के जयसिंह नगर इलाके से एक बाघ को रेस्क्यू किया था जिसे 25 दिन का स्वास्थ्य परीक्षण और निगरानी के बाद सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
उमरिया।बीते जनवरी माह की 29 तारीख 2026 को वन मंडल उत्तर शहडोल के परिक्षेत्र जयसिंह नगर अंतर्गत वन चाचर बीट में लगभग 8 वर्ष आयु के एक वयस्क नर बाघ को आपसी संघर्ष में घायल अवस्था होने से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रेस्क्यू दल द्वारा रेस्क्यू किया गया था।
रेस्क्यू उपरांत घायल बाघ को उपचार हेतु बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया, जहाँ उसे मगधी परिक्षेत्र स्थित बेहेरहा एनक्लोजर क्रमांक-1 में सुरक्षित रखा गया। विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों की सतत निगरानी में उसका उपचार एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
चिकित्सकीय देखरेख एवं गहन मॉनिटरिंग के पश्चात बाघ के स्वास्थ्य में संतोषजनक सुधार पाया गया। निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दिनांक 22 फरवरी 2026 को बाघ को ट्रैंक्विलाइज कर पुनः विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आज ही सुरक्षित रूप से उपयुक्त प्राकृतिक आवास में पुनः छोड़ दिया गया है।
इस अवसर पर क्षेत्र संचालक, उप संचालक, डॉ. राजेश तोमर (वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व), डॉ. अभय सेंगर (वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, संजय टाइगर रिजर्व), सहायक संचालक ताला, सहायक संचालक धमोखर, सहायक संचालक पनपथा, परिक्षेत्र अधिकारी मगधी, परिक्षेत्र अधिकारी टूरिज्म, अन्य विषय विशेषज्ञ, बायोलॉजिस्ट सहित रेस्क्यू दल के अधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
निगरानी में रहेगा बाघ
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व वन्यजीव संरक्षण एवं बाघों की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है तथा उपचार उपरांत नर बाघ को मुक्त करना एक सफल रेस्क्यू कार्यवाही को इंगित करता है।
(ब्यूरो रिपोर्ट)



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