कांग्रेस के धरने में स्कूली छात्रों का क्या काम?बाल कल्याण समिति ने लिया संज्ञान,कार्यवाही के निर्देश,कलेक्टर ने भी डीईओ से मांगा जवाब।
What were school students doing at the Congress party's protest? The Child Welfare Committee has taken notice and ordered action, and the Collector has also sought an explanation from the District Education Officer.
देखें वीडियो :-
उमरिया।। जिले के मानपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पड़वार में कथित हलफल नदी में रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए कुछ कांग्रेस से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के द्वारा धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। लेकिन धरना प्रदर्शन में स्कूल में पढ़ने वाले अबोध छात्र-छात्राओं को बैठाकर विरोध में मुर्दाबाद के नारे लगवाए गए। छात्र-छात्राओं के वीडियो और फोटो आने के बाद छात्रों के हितों में काम करने वाली न्यायपीठ CWC के सदस्यों ने आपत्ति जताते हुए कार्यवाही किए जाने की बात कही है।
मिली जानकारी के मुताबिक कुछ कांग्रेसी नेताओं के द्वारा अपने निजी स्वार्थ के चलते जिले की रेत ठेका कंपनी बाबा महाकाल मिनरल्स के ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन जब उनका निजी स्वार्थ पूरा नहीं हुआ तब उनके द्वारा ग्राम पड़वार में हलफल नदी में अवैध उत्खनन को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है। धरना प्रदर्शन में कई कांग्रेसी नेताओं के शामिल होने की तस्वीरें भी सामने आई है। लेकिन वहां के शासकीय स्कूल के छात्र छात्राओं को भी धरना प्रदर्शन में शामिल किया गया है।
बताया गया की स्कूल में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को धरना में बैठाकर बाबा महाकाल मिनरल्स और प्रशासन के खिलाफ विरोध में नारे लगवाए गए। वीडियो में दिखाई दे रहे हैं सैकड़ो की तादाद में यह छात्र छात्राएं अभी वयस्क भी नहीं है, लेकिन उन्हें धरना स्थल पर ले जाना और विरोध में नारे लगवाना कहीं से भी उचित नहीं है।अब बड़ा सवाल यह कि स्कूल में पढ़ने आए बच्चे सैकड़ो की तादाद में आखिर धरना स्थल पर कैसे पहुंच गए। उन्हें किसी ने बरगलाकर या धोखे से ले गए या यह सोची समझी साजिश के तहत उनका इस्तेमाल किया गया है। हालांकि स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि स्कूली बच्चे अन्य किसी ऐसी गतिविधियों में शामिल न हो, वहीं अगर ऐसा हुआ है या जानबूझकर किया गया है तो जिला प्रशासन या स्कूल शिक्षा विभाग के द्वारा इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिए।
(अंजनी राय की रिपोर्ट)

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