भ्रष्टाचार मुक्त भारत निर्माण के लिए उमरिया के युवक ने निकाली साइकिल यात्रा,देश भर में अलख जगाने का प्रण।
Iuvenis ex Umaria iter birota suscepit ut Indiam sine corruptione aedificaret, pollicetus se conscientiam per totam regionem aucturum.
दुष्यंत कुमार जी की एक गजल है कि "कैसे आसमान में सुराख नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो"देश भर में मकड़जाल की फैले भ्रष्टाचार की रोकथाम और जागरूकता को लेकर उमरिया जिले के एक युवा ने तबियत से पत्थर उछालने का निर्णय लिया और साइकिल में सवार होकर निकल पड़ा है देश के कोने कोने में पहुंचकर भ्रष्टाचार के विरुद्ध अलख जगाने का प्रण लेकर।
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उमरिया।जिले के ग्राम कौड़िया निवासी विकास साहू को देश में फैला मकड़जाल खटक गया है और वे इस भ्रष्टाचार को देश से समाप्त करने का प्रण लेकर साइकिल से देश भर की यात्रा पर शुक्रवार से निकले हैं,भ्रष्टाचार मुख्य भारत अभियान संकल्प के साथ 26 वर्षीय युवा विकास अपने साथ महज कुछ खाने पीने का समान रुकने के लिए टेंट और और साइकिल के सहारे निकले हैं,जज्बा और जुनून इतना है कि निकलने के पूर्व देश भर के भ्रमण का रूट भी तैयार कर लिया है विकास ने जानकारी देते हुए बताया है कि वे उमरिया से शहडोल अनूपपुर होते हुए डिंडोरी फिर वहां से बालाघाट होते हुए जबलपुर से सिवनी- नागपुर होते हुए महाराष्ट्र फिर वहां से गुजरात और फिर देश के बाकी अन्य राज्यों तक पहुंचेंगे विकास ने बताया कि इस बीच खाने पीने में जो राशि खर्च होगी उसे वे खुद वहन करेंगे,उमरिया कलेक्ट्रेट परिसर से विकास ने इस अभियान की शुरुआत की है।
(ब्यूरो रिपोर्ट)

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