उमरिया जिले की लाइफलाइन कही जाने वाली उमरार नदी के जीणोद्धार के लिए शुरू हुई उमरार सफाई अभियान 2.0।नागरिकों,स्वयंसेवी संगठनों और प्रशासन की मदद से नदी की पुरातन धारा को लौटाने का संयुक्त प्रयास।
उमरिया की जीवनदायिनी कही जाने वाली उमरार नदी को प्रदूषण मुक्त बनाने जिला प्रशासन और नागरिक समाज की ओर से बीते मार्च माह से श्रमदान और मशीनरी के सहयोग से नदी के जीर्णोद्धार का अभियान शुरू किया गया था,शुरुआती चरण में नदी के उप स्ट्रीम जिसमे ज्वालामुखी घाट,खलेसर घाट,पम्प हाउस के समीप नदी में कचरा,मलबा,और घास को साफ किया जाकर नदी में प्राकृतिक स्त्रोत के माध्यम से नदी को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया था,नदी सफाई का यह अभियान बारिश के ठीक पूर्व दोबारा आरंभ किया गया है जिसमे नागरिक समाज,स्वयंसेवी संगठन,और प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा लेकर नदी के डाउन स्ट्रीम जिसमे बहराधाम घाट,हनुमान घाट,नीम घाट और नैगँवा टोला से होकर बहने वाली उमरार नदी के आसपास जमा कचरा,मलबा,और घास को साफ किया जाकर नदी के प्रवाह को सरंक्षित और संवर्धित करने का प्रयास किया जा रहा है,जिले के कलेक्टर कृष्णदेव त्रिपाठी ने नदी के आसपास के रहवासियों से अपील की है कि वे नदी को साफ रखने में सहयोग करें साथ ही नागरिकों से भी नदी सफाई अभियान में आवश्यक सहयोग देने की बात कही है।
नदी किनारे लगाए जाएंगे औषधीय पौधे
उमरार नदी सफाई अभियान के साथ साथ साफ हो चुके नदी के किनारों में औषधीय वृक्ष रोपित किये जायेंगे,नदी सफाई अभियान में सेवा भारती के अखिलेश त्रिपाठी, के अलावा बाबुलाल भिमानिया,ऋषि रिछारिया एवं गोपाल पांडेय ने विशेष रुचि के साथ अभियान में हिस्सा लिया है।
ब्यूरो रिपोर्ट


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