बांधवगढ़ में मृत बाघ का दोबारा पीएम कराने के निर्देश,प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव के निर्देश निर्देश।
Instructions issued for a second postmortem of the dead tiger in Bandhavgarh. Principal Chief Conservator of Forests (Wildlife) Madhya Pradesh, Bhopal issued instructions.
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उमरिया।बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के समीपी गाँव खेरवा टोला में घर से जिस बाघ का पार्क प्रबंधन ने रेस्क्यू किया था उसकी मौत हो गई है पार्क की टीम ने वन्य जीव चिकित्सकों की मौजूदगी में बाघ का पीएम कराया और सैम्पल एकत्रित किये है लेकिन बाघ की मौत का कोई कारण सामने नहीं आया है इसी बीच वन विभाग के आला अधिकारियो ने मृत बाघ का दोबारा पीएम कराने के निर्देश जारी किये हैँ प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव)
मध्यप्रदेश, भोपाल के निर्देश अनुसार NTCA के प्रतिनिधि AIG, NTCA क्षेत्रीय कार्यालय नागपुर के समक्ष तीन पशुचिकित्सकों डॉ. निधि राजपूत, (पशुचिकित्सक SWFH जबलपुर), डॉ. अभय सेंगेर (पशुचिकित्सक, मुकुंदपुर) एवं डॉ. प्रशांत देशमुख (पशुचिकित्सक, WCT) के द्वारा SWFH Jabalpur में पुनः शव परिक्षण के लिए निर्देषित किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की सदस्य सचिव, NTCA, DELHI से हुई चर्चा अनुसार बाघ शव के पुनः शव परिक्षण हेतु उसे SWFH Jabalpur में सुरक्षित पहुचाया जाकर डीप फ्रिज में रखा गया।
प्रेस नोट (बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व प्रबंधन)
आज दिनांक 24/05/2026 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र पनपथा बफर की बीट, पलझा उत्तर के नजदीक, राजस्व क्षेत्र में, रात्रि लगभग 2:30am से 3:00AM बजे, वन्यप्राणी बाघ द्वारा ग्राम खैरा टोला के पहलू पाल के आंगन में बच्चों एवं परिवार जनों के साथ सो रही महिला फूल बाई, उम्र लगभग 34 वर्ष को गंभीर रूप से घायल कर दिया। जिसके उपरान्त बाघ के हमले में फूल बाई पति पहलू पाल की मौके पर मौत भी हो गई तथा अन्य एक परिवार जन, फुल्ला पाल को घायल कर बाघ जंगल की तरफ चला गया। किन्तु प्रातः 6:00AM से 06:15AM बजे के लगभग बाघ पुनः जंगल से लौटा एवं ग्रामीणों तथा वन कर्मियों के समक्ष उसी घर में घुस गया तथा परिवार के अन्य 02 सदस्यों दसैया पाल एवं गजाधर पिता लल्लू को गंभीर रूप से घायल किया।
घटना की सूचना वनरक्षक एवं ग्रामीणों द्वारा वन, राजस्व अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों को दी गई। सूचना पाकर श्री भूरा गायकवाड़, उप वनमण्डलाधिकारी पनपथा, वन परिक्षेत्र अधिकारी, पनपथा बफर श्री प्रतीक श्रीवास्तव, सुश्री अंजू वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी पतौर, एवं अन्य वन स्टाफ, राजस्व अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे जहां पुलिस स्टाफ भी मौजूद था। मौके पर ही प्रातः लगभग 8:00AM बजे ग्रामीणों की लगभग 150-200 लोगों की भीड़ ने हमला कर परिक्षेत्र अधिकारी श्री प्रतीक श्रीवास्तव को गंभीर रूप से घायल कर दिया। उनके सिर, पीठ एवं हाथों में चोट आई। जिन्हे प्राथमिक उपचार हेतु शासकीय हाॅस्पिटल मानपुर भेजा गया। सुश्री अंजू वर्मा, परिक्षेत्र अधिकारी पतौर को महिलाओं ने लात-घूसों से पीटकर लगभग 5-6 घंटों तक बंधक बनाऐ रखा। श्री भूरा गायकवाड, उप वनमण्डलाधिकारी पनपथा अन्य वन स्टाफ मौके से जान बचाकर भागें। इस बात की सूचना वन अधिकारियों ने राजस्व विभाग के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को दी। तब तक लगभग 20-25 वन स्टाफ, पनपथा बफर कार्यालय में एकत्रित हो चुके थे। इस बीच घटना स्थल पर लाॅ एण्ड आॅडर की स्थिति बिगड़ने लगी। इस बात की सूचना वन अधिकारियां द्वारा कलेक्टर उमरिया, S.P. उमरिया तथा संभागायुक्त, शहडोल तथा I.G. शहडोल को सूचना दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रातः लगभग 8AM बजे क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक, बां.टा.रि. उमरिया, वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी उमरिया तथा अन्य वन स्टाफ के हमराह पनपथा बफर कार्यालय पहुंचे। इसी बीच S.D.M. मानपुर, कलेक्टर उमरिया एवं S.P. उमरिया भी पनपथा विभिन्न समय पर पहुंच गये थे। वन स्टाफ द्वारा घायल बाघ को रेस्क्यू करने की स्थिति का आंकलन कर रणनीति बनाई। रणनीति के तहत पुलिस एवं राजस्व की टीम के बुलाने पर वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी, रेस्क्यू दल, टीम बनाकर घटना स्थल पहुंचे। इस बीच लगभग 300-400 लोगों की भीड़ मौके पर एकत्रित चुकी थी। वन्यप्राणी चिकित्सा अधिकारी उमरिया द्वारा मौके पर वन्यप्राणी का जायजा लिया तो बाघ में किसी प्रकार का मूवमेंट नहीं दिखा। लेकिन बाघ की स्थिति स्पष्ट करने हेतु मौके पर डार्टिंग करना आवश्यक था। परन्तु डार्ट करने पर भी बाघ में किसी प्रकार की हलचल नहीं देखी गई। इस बीच तत्काल, उग्र भीड़ वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को गाली-गलौज करते हुए शोर करने लगी। वन परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर के बोलेरो वाहन क्रमांक MP18जT4082 के कांच फोड़ दिये अन्य 2-3 अन्य वाहनों को लाठी, डण्डे एवं पत्थर मारकर तहस-नहस कर दिया। बोलेरो वाहन को उग्र भीड़ ने धक्का मारकर पलटाने की कोशिस करते हुए, स्टाफ को नीचे उतार कर लाठी, डण्डे एवं पत्थर मारकर घायल कर दिया। साथ ही अन्य वन स्टाफ को भी लाठी, डण्डे एवं पत्थर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। गंभीर रूप से घायल वन स्टाफ श्री मुकेश अहिरवार, परिक्षेत्र अधिकारी मानपुर, श्री प्रशांत मिश्रा, वनरक्षक, श्री पंकज चंदेल वनरक्षक एवं श्री जितेन्द्र द्विवेदी, वाहन चालक का ईलाज शासकीय चिकित्सालय मानपुर में कराया जा रहा है। क्षेत्र संचालक एवं उप संचालक, बां.टा.रि. उमरिया समस्त घटनाक्रम पर सतत् एवं गहन निगरानी बनाए हुए है। NTCA के प्रोटोकाल अनुसार मृत बाघ का शव परीक्षण कराया गया। परन्तु वरिष्ठ के निर्देश अनुसार NTCA के प्रतिनिधि AIG, NTCA क्षेत्रीय कार्यालय नागपुर के समक्ष तीन पशुचिकित्सकों डॉ. निधि राजपूत, (पशुचिकित्सक SWFH जबलपुर), डॉ. अभय सेंगेर (पशुचिकित्सक, मुकुंदपुर) एवं डॉ. प्रशांत देशमुख (पशुचिकित्सक, WCT) के द्वारा SWFH Jabalpur में पुनः शव परिक्षण के लिए निर्देषित किया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) की सदस्य सचिव, NTCA, DELHI से हुई चर्चा अनुसार बाघ शव के पुनः शव परिक्षण हेतु उसे SWFH Jabalpur में सुरक्षित पहुचाया जाकर डीप फ्रिज में रखा गया। प्रभावित परिवार को तत्काल सहायता उपलव्ध करायी गयी है इस कार्य में क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व द्वारा पूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है। सम्पूर्ण घटना क्रम में क्षेत्र संचालक, बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) के साथ सतत संपर्क बनाये रखा।
(ब्यूरो riport)

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