उरांव जनजातीय समुदाय की अनोखी परंपरा,साल के वृक्ष की पूजा कर करते हैं नए साल का स्वागत,मनाया गया सरहुल पर्व
The Oraon tribal community has a unique tradition of welcoming the New Year by worshipping the Sal tree.
उमरिया में उरांव जनजातीय समुदाय प्रसिद्ध सरहुल पर्व धूमधाम से हुआ संपन्न,साल के वृक्ष की पूजा के साथ हुई पर्व की शुरुआत सांस्कृतिक आयोजन और सहभोज के साथ हुआ समापन,सामाजिक एकता,पारंपरिक मूल्यों के सरंक्षण और संवर्धन का दिया गया संदेश।
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उमरिया जिले में उरांव जनजातीय समुदाय का प्रसिद्ध एवं पारंपरिक पर्व सरहुल मंगलवार को धूमधाम से स्थानीय सगरा मंदिर स्थित सामुदायिक भवन में मनाया गया सैकड़ों की तादात में उरांव जनजातीय समुदाय के लोग अपने पारंपरिक पर्व को मनाने एक जुट हुए आयोजन में उमरिया के अलावा शहडोल ब्यौहारी एवं अन्य कई जिलों से लोग भी शामिल हुए,सबसे पहले साल वृक्ष की पूजा कर आयोजन की शुरुआत की गई,बता दें उरांव जनजातीय समुदाय हिंदी नव वर्ष चैत माह के प्रथम दिन से लेकर आखिरी दिन के बीच में यह पर्व आयोजित करते हैं और अपने पूर्वजों से मिली विरासत को संरक्षित किए हुए हैं,
आयोजन के दौरान समाज की महिलाओं एवं बच्चों ने पारंपरिक आदिवासी समाज की वेश भूषा में सांस्कृतिक आयोजन प्रस्तुत किया पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सामूहिक नृत्य किया और पर्व का आनंद लिया,उरांव जनजाति इस पर्व को उत्साह और उल्लास के साथ मनाती है उस दौरान सभी समाज के लोग अपनी पारंपरिक मान्यताओं को संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हैं।
आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि कमलेश नीरज डिप्टी कलेक्टर उमरिया,बैगा (पुजारी)खनेश भगत शहडोल,भगत राम भगत शहडोल सहित भारी संख्या में जनजातीय समुदाय के लोग मौजूद रहे।
(ब्यूरो रिपोर्ट)


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