₹228 करोड़ की आकाशकोट समूह जलप्रदाय योजना में भ्रष्टाचार और लेटलतीफी की जांच करेगी राज्य स्तरीय कमेटी।
A state-level committee will investigate corruption and delays in the ₹228 crore Akashkot group water supply scheme.
उमरिया जिले में 228 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन आकाशकोट समूह जल प्रदाय योजना में लापरवाही और भ्रष्टाचार की जांच करेगी राज्य स्तरीय कमेटी,जिले के प्रभारी मंत्री ने दिये निर्देश,उमरिया जिले में अटल पंचायत भवन का लोकार्पण करने पहुंचे थे प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान।
उमरिया जिले में बीते दो वर्ष से निर्माणाधीन आकाशकोट समूह जल प्रदाय योजन के निर्धारित समय पर पूरा नहीं होने और निर्माण कार्य में लापरवाही भ्रष्टाचार की शिकायत को लेकर जिले के प्रभारी मंत्री नागर सिंह चौहान ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए राज्य स्तरीय जांच कमेटी से निर्माण कार्य का परीक्षण कराने की बात कही है,प्रभारी मंत्री ने कहा कि इस मामले को वे मुख्यमंत्री के सामने रख चुके हैं शीघ्र ही जांच आरंभ हो जाएगी,बता दें प्रभारी मंत्री गुरुवार को उमरिया जिले के दौरे पर थे जहां उन्होंने अटल पंचायत भवन का लोकार्पण किया है और संकल्प से समाधान शिवर में हिस्सा लिया।
इस मौके पर जिले के कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन,बांधवगढ़ विधायक शिवनारायण सिंह,भाजपा जिला अध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल,जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ओहरिया,जनपद पंचायत करकेली की अध्यक्ष प्रियंका मून सिंह,एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह,सीईओ जनपद पंचायत करकेली सहित जनप्रतिनिधि नागरिक गण एवं प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
क्या है आकाशकोट समूह जल प्रदाय योजना
उमरिया जिले में आकाशकोट समूह जल प्रदाय योजना राज्य एवं केंद्र सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना है इस योजना से जिले 108 गांव सीधे हर घर नल से जल योजना से लाभान्वित होगे,जिले के आकाशकोट इलाके के चालीस गांवों के अलावा नौरोजाबाद एवं बिलासपुर तहसील के 68 गांव भी इस परियोजना में शामिल हैं योजना का कार्य 2024 में शुरू किया गया था और दिसंबर 2025 में इसे पूर्ण किया जाना था लेकिन ठेकेदार और जिम्मेदार जल जीवन मिशन की लापरवाही से निर्माण कार्य पूर्ण होने की मियाद पूरी होने के बाद काम अभी आधा भी नहीं पूरा हों सका है,वहीं गर्मी का मौसम आते ही आकाशकोट इलाके के सभी गांवों में पेयजल संकट गहरा जाता है और नागरिकों को पेयजल आपूर्ति के लिए मशक्कत का सामना करना पड़ता है।
(ब्यूरो रिपोर्ट)

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